प्रकृति ने मोक्का दिया है अपनी कलाओं को दोबारा से संजीदा करने का
“ हम सब अपने जीवन को अव्यवस्था और सांसारिक सुख और व्यस्तता से भरते रहने में इतने व्यस्त रहते हैं थे कि हमारे पास खुद के लिए हमारी फैमिली के लिए समय ही नहीं होता था कि हम उन बातों पर विचार कर सकें जो वास्तव में हमारे जीवन के लिए महत्वपूर्ण हैं । प्रकृति ने हमे हमारी गलतियों को सुधारने के लिए उपहार स्वरूप कॅरोना वायरस दिया है ताकि इसके माध्यम से हम खुद को समय दे सकें हमारी फैमिली को समय दे सकें। आधुनिक विज्ञान ने हमे इतना खुदगर्ज बना दिया कि पूरे विश्व में चारों ओर भागमभाग वाली ज़िन्दगी थी। चारों ओर इतनी अशांति फैली थी कि खुद के साथ समय या हमारी फैमिली के साथ समय नही बिता पाते थे। यहां तक कि हम अपने स्वाद के लिए प्रकृति के अन्य जीवों के साथ खिलवाड़ कर रहे थे जिसका परिणाम आज हैं भुगत रहे हैं।
आपको प्रकृति ने मोक्का दिया है अपनी कलाओं को दोबारा से संजीदा करने का। आप सब में जो भी खूबी हो उसका घर मे रहकर खूब प्रयोग कर उसका आनंद लो। कोई गिटार बजाना सीखो, कोई हारमोनियम बजाना सीखो, कोई चित्रकारी जनता है तो अपनी पसंद की चित्रकारी करो या कोई अपनी पसंद की विदेशी भाषा सीखो। जिसको खाने का शोक हैं वो अपनी पसंद की कोई डिस्क बनाना सीखो। आप अलग अलग किताबें पढ़ों या जिसको लिखने का शोक है वो अपनी किताब लिखने का अपने अनुभव लिखने का प्रयत्न करो।
अपने घर में रहकर खुद के किये जी कर देखो बहुत मजा आएगा।
मैं बस इतना ही कहना चाहूंगा कि कुछ दिन अपने घरों में रहो और अपनी फैमिली के साथ सामान्य और तनावमुक्त जीवन जिओ।
-सतनाम कैत

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