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आये हो निभाने जब किरदार जमी पर, कुछ ऐसा कर चलो की जमाना मिसाल दे

 बाहरी दुनिया में चमत्कार करने से पहले अपने अंदर की दुनिया के क्रिया-कलापों का मानक स्तर उठायें । स्वयं को प्रभावशाली ढंग से संचालन का मूल है अपने विचारों पर प्रभावशाली नियंत्रण । विचारों पर प्रभावशाली नियंत्रण का मूलमंत्र है : मानसिक अनुशासन, जो कि मनोमस्तिष्क में उठने वाले हर विचार पर पूर्ण नियंत्रण से ज्यादा कुछ भी नहीं है । इससे सकारात्मक विचारों का उठना पक्का होता है । लक्ष्य के प्रति समर्पित हर विचार बेशकीमती नन्हे स्वर्ण-पिंड की तरह होता है । यह आपको अनवरत जीवन-समृद्धि की तरफ ले जाता है ।



जब आपका हर विचार आपके सपनों को पूरा करने की दिशा में लगा होता है, तो आपके कार्यकलाप भी उसी तरह के होते हैं और इनसे सार्थक परिणाम निकलते हैं । आपका जीवन जीवन-उद्देश्य वचन के अनुसार निर्धारित दिशा में आगे बढ़ता है । हर चीज की रचना दो बार होती है : मानसिक स्तर पर एक रूपरेखा के रूप में, फिर जीवन के यथार्थ रूप में । यह कार्य बिलकुल आर्किटेक्ट की तरह होता है : वह पहले एक नयी बिल्डिंग का प्रारूप और उसकी योजना बनाता है । फिर ब्लूप्रिंट के आधार पर सुनियोजित ढंग से जमीन पर बिल्डिंग का निर्माण करता है ।