मानव इतिहास की महानतम खोज यह है कि आपके मस्तिष्क में आपके जीवन के लगभग हर पहलू का निर्माण करने की शक्ति होती है। मानव निर्मित जगत में आप अपने चारों ओर जो भी चीज़ देखते हैं, वह किसी इंसान के दिमाग़ में एक विचार के रूप में आई थी और उसके बाद ही भौतिक जगत् में साकार हुई। आपके जीवन की हर चीज़ किसी bb विचार, इच्छा, आशा या सपने के रूप में शुरू हुई थी – या तो आपके दिमाग़ में या फिर किसी और के दिमाग़ में। आपके विचार रचनात्मक होते हैं। वे आपकी दुनिया और आपके साथ होने वाली हर चीज़ को आकार देते हैं।
सभी धर्मों, सभी दर्शनों, मेटाफ़िज़िक्स, मनोविज्ञान और सफलता का महान सार यह है : आप जिसके बारे में ज़्यादातर वक़्त सोचते हैं, वही बन जाते हैं। आपका बाहरी जगत अंततः आपके आंतरिक जगत का प्रतिबिंब बन जाता है। आपको वही प्रतिबिंब दिखता है, जिसके बारे में आप ज़्यादातर समय सोचते हैं। आप जिसके बारे में भी सोचते हैं, वह लगातार आपकी ज़िंदगी में प्रकट होता है।
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