Breaking News

आपकी सोच ही आपके व्यक्तित्व व आपकी ज़िंदगी का निर्माण करती है।

यदि मानव मस्तिष्क और उसकी संकल्प-शक्ति का सही ढंग से उपयोग किया और ऊँचे लक्ष्य की तरफ लगाया जाये, तो यह चमत्कार कर सकता है । इन असीम क्षमताओं के बावजूद अधिकतर मानव-मस्तिष्क की क्षमताओं का दोहन नहीं होता, इनकी अद्भुत शक्तियों की खोज नहीं हो पाती, न ही इनको किसी चुनौतीपूर्ण लक्ष्य में लगाया जाता है । आमतौर पर हर रोज, एक व्यक्ति करीब ६० हजार बातों के बारे में सोचता है । इससे भी ज्यादा चौंकानेवाला यह तथ्य है कि इनमें से ९५ फीसदी बातें, वहीं होती हैं, जिनके बारे में हम पिछले दिन सोच चुके होते हैं । संकुचित सोच के तौर-तरीके को बता देना चाहिए, इसकी जगह स्वच्छंद सोच-विचार की आदत विकसित करने के लिए आपको अपने मस्तिष्क अपार क्षमताओं का इस्तेमाल करना चाहिए । सोच-विचार के पुराने तौर-तरीकों की बेड़ियाँ तोड़ फेंकनी चाहिए । सभी सफल लोग इस सचाई को जानते रहे हैं कि इनसान के विचार ही उनकी दुनिया का निर्माण करते हैं।

No comments